जालोर:ABD NEWS राजस्थान राज्य ब्यूरो (असरफ मारोठी) कहते हैं कि अगर नीयत साफ हो और सुलह की गुंजाइश, तो सालों पुराने विवाद भी पल भर में खत्म हो सकते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा शनिवार को जालोर के एडीआर भवन (ADR Building) में देखने को मिला, जहाँ राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश बन्नालाल जाट के निर्देशन में जिले भर की 8 बेंचों ने कई परिवारों और पक्षकारों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी।
4 साल की दूरियां खत्म: रिंकू और भरत फिर हुए एक
इस लोक अदालत की सबसे भावुक तस्वीर तब सामने आई जब उम्मेदाबाद की रिंकू और सांचौर के भरत कुमार के बीच राजीनामा हुआ। पिछले 4 साल से अलग रह रहे इस जोड़े के बीच न्यायिक अधिकारियों ने ऐसी समझाइश की कि दोनों साथ रहने को तैयार हो गए। अदालत परिसर में ही दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई और साथ निभाने की शपथ ली। वहां मौजूद हर शख्स ने इस सुखद मिलन की सराहना की।
27 साल पुराना मामला और ₹8,536 का हिसाब ⚖️
लोक अदालत की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एनआई एक्ट (NI Act) का एक 27 साल पुराना मामला आपसी सहमति से निपटा दिया गया। परिवादी को ₹8,536 की राशि मिलते ही दशकों से चल रही कानूनी लड़ाई का अंत हो गया।
बैंक लोन में मिली बड़ी राहत (Settlement Highlights):
बैंकों के प्री-लिटिगेशन मामलों में भी लोगों को बड़ी वित्तीय राहत मिली:
SBI केसवणा: 1.75 लाख का विवाद मात्र 70 हजार में सुलझा।
RMGB रेवतड़ा: 2.36 लाख का प्रकरण 1.40 लाख में निपटा।
इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अहसान अहमद, सीजेएम प्रिया टावरी सहित कई न्यायिक अधिकारी, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और अधिवक्ता सक्रिय रहे। जालोर मुख्यालय के अलावा आहोर, भीनमाल, सांचौर और रानीवाड़ा में भी बेंच लगाकर मामलों का त्वरित निस्तारण किया गया।
ब्लॉगर डायरी: लोक अदालत केवल कोर्ट का बोझ कम करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह रिश्तों को जोड़ने और समय व धन की बर्बादी रोकने का एक बेहतरीन मंच है। अगर आपका भी कोई मामला अटका है, तो अगली लोक अदालत का लाभ जरूर उठाएं!
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