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    Wednesday, April 8, 2026

    “गलत नीतियों से देश में गैस संकट, सरकार विफल — प्रमोद तिवारी का आरोप”

     

    विपिन कुमार ओझा 

    8अप्रैल, प्रतापगढ़ 

    अखण्ड भारत दर्पण (ABD)न्यूज़ 

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री देश को “विश्व गुरु” बताने का दावा करते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के प्रभाव और संबंधों में गिरावट स्पष्ट दिखाई दे रही है।

    तिवारी ने आरोप लगाया कि सरकार की गलत विदेशी और आर्थिक नीतियों के कारण देश में गैस संकट की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, जो हार्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है। प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत शामिल हैं, जहां से हर साल लाखों टन गैस भारत आती है।

    उन्होंने बताया कि देश में गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हाल के महीनों में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों के दामों में भारी इजाफा हुआ है। पिछले तीन महीनों में कमर्शियल सिलेंडर करीब 525 रुपये तक महंगा हुआ है। अलग-अलग तिथियों पर हुई बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 1 जनवरी से 1 अप्रैल तक कई बार कीमतें बढ़ाई गईं, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।

    कच्चे तेल के आयात पर भी तिवारी ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न देशों जैसे ईरान, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत से प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चा तेल आयात करता है। कुल मिलाकर देश की तेल जरूरतें बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर हैं।

    तिवारी ने कहा कि आजादी के बाद से जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह जैसे नेताओं ने खाड़ी देशों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखे, जिससे भारत को सस्ते दामों पर तेल और गैस मिलती रही। लेकिन वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण इन संबंधों में कमजोरी आई है।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की अमेरिका-परस्त नीति और डोनाल्ड ट्रंप के साथ नजदीकी के चलते कई पारंपरिक सहयोगी देश भारत से दूर हो गए हैं, जिससे ऊर्जा संकट और गहरा रहा है।

    तिवारी ने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि देश में गैस और तेल की आपूर्ति सामान्य है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को महंगे दामों पर गैस खरीदनी पड़ रही है।

    इसके अलावा उन्होंने पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पांडिचेरी—में हो रहे चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ राज्यों में भारतीय जनता पार्टी ने पहले ही हार मान ली है। पश्चिम बंगाल की घटनाओं की निंदा करते हुए उन्होंने केंद्रीय चुनाव आयोग पर भी निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए।

    अंत में तिवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश और देश में जनता से जुड़े लगभग सभी विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत है।

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